सब्जेक्ट ऐसा लोग थिएटर में देख कर ही डर जाएंगे। बंदूक की गोली से बचकर रहना 15 मार्च को जंगल है जाना दंगे जब गोलियों की बात हुई गई है तो दिल्ली कैसे पीछे रहेगा? दिल्ली से हूँ बेन स्टोक्स दिल्ली में कॉलेज कॉलेज में स्टूडेंट्स स्टूडेंट्स में लड़ाई बात जान पर है। बनाई कौन सही कौन गलत फैसला 1 मार्च को करना ऑपरेशन वैलेंटाइन देश भक्ति मूवीज़ बनाने का ठेका सिर्फ बॉलीवुड का थोड़ी है। इस बार लड़ाई जमीन पर नहीं, आसमान में होगी ऐसी जंग जिसमें कुर्सी की पेटी बांधना सबसे जरूरी होगा।
तो टेक ऑफ 1 मार्च को करना है। ओके अरे हाँ। 1 मार्च से याद आया हॉलीवुड की वॅन ऑफ़ दी बिग्गेस्ट एड्वेंचर फ़िल्म का सीक्वल भी आएगा। ड्यून पार्ट टू ऐसा सिनेमा जो आपको टाइम मशीन में बिठाके 5060 साल आगे ले जाएगा फर्स्ट पार्ट देखा है तो सेकंड सच में दिमाग के चिथड़े उड़ाएगा और जब दिमाग की बात हो ही गई है तो शैतान पीछे कैसे रह सकता है? गुजराती फ़िल्म वर्ष का रीमेक ऐसा सिनेमा जिसके बाद घर लौटने में भी डरने लगे हनुमान चालीसा साथ लेकर 8 मार्च को थिएटर पहुँच जाना ठीक अगले हफ्ते बॉलीवुड फिर से बुलावा भेजेगा क्योंकि योद्धा बनके स्टूडेंट ऑफ़ दी ईयर वापिस जो लौटेगा प्लेन हैड्राइक की कहानी एक हीरो और बहुत सारे विलेन नीचे गिरे तो खाई और प्लेन के अंदर होशियारी तो गोली खाई 15 मार्च एंटर ऐट युअर ओन रिस्क। वैसे प्लेन में सिर्फ डर नहीं, एंटरटेनमेंट भी होता है, जिससे आपकी मुलाकात क्रू करवाएगा।
तीन देवी टू सिक्स सिनेमा नहीं आपके दिल में कम बेक करके दिमाग को लम्बी रेस भगाएंगी 29 मार्च फ्लाइट बुक कर लो और जब बात हाइजैक की हो रही है तो ये सिर्फ एक प्लेन है। वो पूरी दुनिया हैजैक करना चाहता है। कितना ताकतवर होगा वो विलेन जिसे गॉड जिला और कांग दोनों मिलकर लड़ना चाहते हैं? पता लगाने का सिर्फ एक तरीका 29 मार्च का टिकेट जिसने सबसे पहले खरीदा पंकज सर क्या अक्टिंग करते हैं कागज याद है जब एक मुर्दा इंसान का रोल किया था वो कहानी वापस आएगी पार्ट टू माने कागज टू के साथ इस बार सब्जेक्ट ऐसा कि आँखों में आंसू आएँगे।.
क्योंकि सतीश शर्मा में आखिरी बार नज़र आएँगे। मौका मिस मत करना 1 मार्च को हॉल में मिलना। अब एक ऐसी फ़िल्म जीसको बनने में पूरे 16 साल लग गए। यकीन नहीं होता ना दी गुड लाइफ जिसका सिर्फ टीज़र देख कर समझ आ गया इसके जैसा दूसरा कुछ आज तक इंडिया में नहीं बना होगा। 6 साल फ़िल्म की शूटिंग हुई और पूरी फ़िल्म रेगिस्तान में बनी है। ज्यादा नहीं बोलेंगे खुद देखना अट्ठाइस मार्च को अब भैया फ़िल्म नहीं दो वेब सीरीज की बात करूँगी। अगर थिएटर में आ जाए तो हॉल के बाहर लाइन लग जाए। मिर्जापुर सीज़न 3 ये शो नहीं फेस्टिवल है भाई कर लो तैयारी आ गई है कालीन भैया की सवारी मार्च एंड या फिर अप्रैल पहला हफ्ता वर्ल्ड वॉर थ्री के लिए रेडी रहना गुड्डू भैया वीसी मुन्ना भैया भूल गए क्या अमर हैं बे?आगे कहानी बाद में बताएंगे जरा इस नए भाई को फॉलो या सब्सक्राइब कर लो यार ।
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