उसकी नजर जब नई पड़ोसी अंतिमा पर पड़ी तो वह उसे देखते ही मनमुग्ध हो गया । अब इसके मन में अंतिमा को देखकर उसके साथ सोने का मन कर रहा था, हर संभव वो यही कोशिश में लगा रहता की कोई ऐसा टाइम मिले जिससे वह अपनी इच्छा को पूरा करे । एक दिन की बात है अंतिमा स्कूल से घर आ रही थी तभी उसकी स्कूटी पंचर हो गई।
अब वह परेशान हो गई और इधर उधर देखने लगी । तभी उसकी नजर एक आदमी पर पड़ती है और ये वही आदमी सुरेश था । अंतिमा ने उस आदमी से मदद के लिए बोली और सुरेश मदद के लिए तुरंत राजी हो गया । उसने अंतिमा की मदद की। और उसे घर ड्रॉप किया । उसके अगले दिन से दोनो में थोड़ी थोड़ी बात करनी शुरू हो गई । और कुछ ही महीनों में वो दोनो बहुत अच्छे दोस्त की तरह हो गए ।
एक दिन सन्डे का समय था अंतिमा घर पर अकेली थी , सुरेश ने मौका पाते हुए उसके घर गया और बोला अंतिमा क्या मैं आपके घर के अंदर आ सकता हूं, उसने बोली आ जाओ इसमें पूछने वाली क्या बात है । वो झट से उसके घर के अंदर आ गया । अंतिमा बोली तुम बैठो मैं चाय बनाकर लाती हुं।
वो चाय बनाने चली गई और इधर सुरेश उसके साथ सोने का प्लान करने लगा । थोड़ी ही देर में अंतिमा चाय लेकर आ गई उसने जैसे ही चाय सुरेश को दी तब तक चाय अंतिमा के सारी पे गिर गई । उसने बोली मैं अभी आती हूं कपड़े बदल के इतना सुनते ही सुरेश जल्दी से बोला हां हां जाओ पहले कपड़े बदल लो । जब वो कपड़े बदलने चली गई तो चुपके से सुरेश उसके पीछे पीछे चल दिया। और इधर अंतिमा अपनी कपड़े उतारने लगती है उसे बिन कपड़ो के देखकर सुरेश को रहा नही जाता है और वो तुरंत उसके पास चला जाता है। ये देखकर अंतिमा शौक रह जाती है उसके कुछ कहने से पहले सुरेश उसके जिस्म पर अपना हाथ फेरने लग जाता है। जिससे अंतिमा भी मनमुग्ध हो जाती है । और वो भी सुरेश से लिपट जाती है दोनो ही पूरी जोश में मनमुग्ध हो जाते है और दरवाजा बंद कर लेते है । दोनो ने अपनी इच्छा पूरी कर लेते है लगातार 2 घंटे एक दूसरे से open प्यार करते है । जब अंतिमा संतुष्ट हो जाती है तब वह सुरेश से कहती है क्या तुम ऐसे रोज आओगे मेरे पास। में तुम्हे ये सब रोज दूंगी। ये सुनकर सुरेश और भी ज्यादा खुश हो जाता है और तुरंत हां बोल देता है । इसके बाद दोनो रोज रोज पूरी नाइट एंजॉय करते है। क्या कोई है जिसके साथ ऐसा हुआ है ?

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